ज्योतिष विज्ञान

ज्योतिष क्या है – अज्ञात को ज्ञात करने की विधा है। ज्योति अर्थात प्रकाश -जिसका कार्य अंधकार को समाप्त कर ,अदृश्य के दृश्य को दृष्ट बनाना।भविष्य के अँधेरे में छिपी घटनाओं को घटने से पूर्व ज्ञात करना।

Astrology

ज्योतिष का आधार – सूर्य पूर्वांचल में आकर चादर हटा कर चराचर में चेतनता ,सक्रियता और जीवनदायनी प्रकाश चतुर्दिक श्रेष्ठता उपस्थिति से अवगत कराता है। सुदूर क्षितिज में साँझ ढले ,सूर्य के अस्ताचलगामी होने के बाद ,अँधेरे का कुहासा ,धरा पर काला शामियाना तन जाता है। अदृश्य कालिमा भरी स्याही फेल जाने के बाद चन्द्र, मंगल.बुध.शुक्र ग्रह.

ज्योतिष क्यों उपयोगी – जब आपको संभावित घटना क्रम का अनुमान होगा तो निश्चय ही उस घटनाजन्य दुखद ,कष्टप्रद .

क्षति पूर्ण ,मानसिक अवसाद , शारीरिक पीड़ादायी,कुपरिणामों से सुरक्षा एवं प्रतिकार के शशक्त उपाय भी किये जाना संभव है।

ज्योतिष अति प्राचीन एवं पराविज्ञान मानवीय कोतुहल का शास्त्र है। इसके संहिता गत बीज सूत्र अथर्वेद एवं अनेक ग्रंथों में हैं। संहिता शास्त्र 505 ईस्वी पूर्व -वराहमिहिर – बृहत संहिता से बहु प्रसिद्द हुआ।

महाभारत काल में श कुन ,अंग -फड़कना ,स्वप्न ,प्राकृतिक संकेत ,5 वर्ष में अधिक ज्योतिष तीन विधाओं मे (सिद्धांत ,संहिता ,होरा )है। अथर्वेद आदि अनेक ग्रंथों में इसकेमॉस उल्लेख है।

संहिता में मानव जीवन की समस्त समस्यायों एवं उनके निराकरण का विशद उल्लेख है। वास्तु ,मुहूर्त ,पशु ,पक्षी तथा मानव के शरीर,प्रकृति संकेत ,कृषि ,वर्षा ,आकाशीय लक्षण ,वृक्ष आदि की जानकारी विपुल तथ्यात्मक सटीक अनुभूत है।

ज्योतिष जीवन को सफल ,सुखद एवं समस्या के निराकरण या समाधान का श्रेष्ठ माध्यम है।

आकाशीय तारामंडलों पर आधारित गूढ़ ,गणितीय सिद्दांतों का शास्त्र है। या समाधान का श्रेष्ठ माध्यम है।

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